Thursday, 18 November 2021

"ज्योतिपुंज' का लोकार्पण

डॉ० प्रतिभा 'माही' की पुस्तक "ज्योतिपुंज" का लोकार्पण
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एम० के० साहित्य अकादमी पंचकूला {रजि०} द्वारा ब्रह्माकुमारी सेंटर, नीलोखेड़ी, करनाल के सहयोग से दिनांक 21/11/2021 (दिन रविवार) को प्रातः 10 बजे, ब्रह्माकुमारी सेंटर, नीलोखेड़ी, करनाल प्रांगड़ में  17 वें राष्ट्रीय वार्षिक महोत्सव 2021  का आयोजन डॉ० मनोज कुमार गुप्ता की स्मृति में  विराट भव्य कविसम्मेलन व मुशायरा तथा सूफ़ी-गीत-संगीत एवं राष्ट्रीय अवार्ड समारोह 2021 होने जा रहा है। इसके अंतर्गत डॉ० प्रतिभा 'माही' की पुस्तक "ज्योतिपुंज" का लोकार्पण भी किया जाएगा तथा वक्ताओं द्वारा पुस्तक की समीक्षा भी की जाएगी।

Wednesday, 10 November 2021

सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (रजि०) एवं एम० के० साहित्य अकादमी पंचकूला (रजि०) के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 30/10/2021 भव्य कविसम्मेलन

वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित भव्य कवि सम्मेलन  व गीत-संगीत 

                सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (रजि०) एवं एम० के० साहित्य अकादमी पंचकूला (रजि०) के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 30/10/2021 (दिन शनिवार) प्रातः 10.30 AM डुप्लेक्स कम्युनिटी हॉल, मॉर्डन कॉम्प्लेक्स मनीमाजरा , चंडीगढ़ में दीपावली के उपलक्ष्य में वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित भव्य कवि सम्मेलन  व गीत-संगीत का आयोजन किया गया। 
             कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री मुकेश सक्सेना 'कबीर' (राष्ट्रीय मंचीय गीतकार ) भोपाल, मध्यप्रदेश से उपस्थित हुए। श्री बी०डी० शर्मा  (प्रख्यात संगीत की दुनियां के बादशाह तथा  श्रीमती सुदेश 'नूर' ( प्रख्यात साहित्यकारा) विशिष्ट अतिथि रहे। डॉ० वी० पी० नागपाल जी ने अध्यक्षता की तथा डॉ० प्रतिभा माही व सुखविन्दर सिंह ने मिलकर मंच सँभाला।
                

        प्रसिद्ध गायक/गायिकाओं ने श्री राजीव झिंगरन, श्री तरसेम राज, मीनाक्षी, कंचन जैन, प्रेम व बी० डी० शर्मा ने अपनी मधुर आवाज़ आए समारोह में चार चाँद लगा दिए। वहीं दूसरी तरफ आमंत्रित  शायरा व कवियों  ने भी कमाल कर दिया। उनकी बानगी देखिए:

        कंचन भल्ला ने डॉ० प्रतिभा माही की ग़ज़ल को आपनी आवाज़ दी-- 
        "जा रहे हो छोड़ कर तुम, जी भला क्या पाओगे।
        है भरोसा एक दिन तुम लौट कर फिर आओगे।।"

        मुकेश "कबीर" ने अपने देश भक्ति गीत से सभी को भावविभोर कर श्रोताओं को मस्ती में झूमने को मजबूर कर दिया। सम्पूर्ण प्रांगड़ तालियों से गूँज उठा।उनके गीत का मुखड़ा देखे...
       " भारत के रहने वाले हैं भारत की महिमा गाएंगे,
        चाहे जितने कष्ट मिलें हर जनम यहीं पर चाहेंगे,
        ख़ुद मिटकर भी करते रहेंगे इसको हम आबाद,
        हिंदुस्तान ज़िंदाबाद हिंदुस्तान ज़िंदाबाद ।"

डॉ० प्रतिभा 'माही' की प्रेम से ओतप्रोत , इश्क़ में डूबी रचनाओं ने लोगों आनन्द से भर दिया। उनकी एक झलक देखें....
         " निगाहें बचाकर निहारा तो होगा।
          किसी का मुक़द्दर संबारा तो होगा।।
          कभी  दर्द की सर्द तन्हाइयों में।
          किसी ने तुझे भी पुकारा होगा ।।"
गणेश दत्त ने जीवन के अलग-अलग को अपनी रचना के माद्यम से बताया....
          "वक्त आने पर धरा से कोई क्या ले जाएगा । 
          इस धरा से उपजा है जो, धरा में ही मिल जाएगा ।। "

सुदेश 'नूर' ने सूफी अंदाज़ में अपनी रचना प्रस्तुत की, बानगी देखें.....
          "कभी फ़ुरसत मिली तो पढ़ियेगा , दिल से बेहतर कोई किताब नही।
          जबसे आये हैं आप नज़रों में मेरी तन्हाई का जवाब नही।।"
          सम्पूर्ण समारोह पूर्ण रूप से सफल रहा जिसका श्रेय सीनियर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (रजि०) एवं एम० के० साहित्य अकादमी पंचकूला (रजि०) की टीम को जाता है।




21वां वार्षिक महोत्सव 2025: राष्ट्रीय हास्य कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह:

राष्ट्रीय हास्य कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह:               21वां वार्षिक महोत्सव 2025             एम•के• साहित्य...